शातिर चेन स्नेचर गिरफ्तार:पुलिस ने ट्रेन में किया सर्च तो तो चलती गाड़ी से उतर खेतों में भागा, 3 KM पीछा कर दबोचा

शातिर चेन स्नेचर गिरफ्तार:पुलिस ने ट्रेन में किया सर्च तो तो चलती गाड़ी से उतर खेतों में भागा, 3 KM पीछा कर दबोचा

जोधपुर पुलिस ने एक शातिर चेन स्नेचर को गिरफ्तार किया है। चेन स्नेचर जोधपुर शहर में 15 स्थानों पर लोगों के गले से चेन लूट चुका था। पुलिस ने करीब एक हजार सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद इसकी पहचान की। पकड़े जाने के डर से आरोपी जोधपुर से भाग निकला। पुलिस ने बिहार से वापस लौटते समय मेड़ता पर इसे घेरा, लेकिन यह भाग निकला। करीब तीन किलोमीटर तक पीछा कर आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया।

जोधपुर पूर्व के पुलिस उपायुक्त भुवन भूषण यादव ने बताया कि 14 फरवरी को नई सड़क पर एक युवक की चेन लूट ली गई। इसके दो दिन बाद मिर्धा सर्किल पर भी ऐसी ही एक वारदात की गई। चेन स्नेचिंग की यह दौर थमा नहीं और लगातार जारी रहा। शहर के तीन थाना क्षेत्र में ऐसी ही वारदातें और हो गईं। इसके बाद पुलिस ने एक हजार से अधिक सीसीटीवी फुटेज देखे। कांस्टेबल अकरम खान ने इन फुटेज के आधार पर चेन स्नेचर की पहचान कबीर नगर निवासी पूनमचंद उर्फ पियूष पुत्र जगदीश नायक के रूप में की। इसके बाद पुलिस उसकी खोजबीन में जुटी। तब तक वह जोधपुर से भाग निकला। उसके करीबी लोगों से सूचना मिली कि पूनमचंद चेन लूटने के बाद चौपासनी हाउसिंग भोर्ड क्षेत्र के एक ज्वेलर प्रदीप सोनी को बेचता है। इस पर पुलिस ने प्रदीप सोनी से पूछताछ की तो उसके पास से लूटी गई एक सोने की चेन बरामद हो गई। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले गुजरात और फिर बिहार भाग निकला

पकड़े जाने से बचने के लिए पूनमचंद पहले गुजरात और बाद में बिहार चल गया। वह एक स्थान पर चार घंटों से ज्यादा कभी नहीं ठहरता। किसी मकान में सोने के बजाया वह पानी की टंकियों के पास खुले में सोता। ताकि पुलिस आते ही आसानी से भागा जा सके। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पूनमचंद ट्रेन में सवार होकर जोधपुर आ रहा है। इस पर पुलिस की एक टीम मेड़ता पहुंच गई। सभी डिब्बों में उसकी तलाशी लिए जाने के दौरान एक स्टेशन पर ट्रेन धीमी होते ही पूनमचंद भाग निकला। पुलिस के जवानों ने खेतों में करीब तीन किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया।

ऐसे करता था चेन स्नेचिंग

पूनमचंद चेन स्नेचिंग की एक वारदात में पकड़ा गया था। वह छह माह पूर्व ही जेल से बाहर आया था। चेन लूटने के दौरान वह अपने दोस्त की पावर बाइक को काम में लेता था। चेन लूटने से पहले वह एक स्कूटर पर बाजार की रैकी करता। इसके बाद दोस्त की बाइक की नंबर प्लेट पर टेप चिपका कर चेन लूटने निकलता। अमूमन वह पैदल जा रही महिलाओं को लूटता। बाइक को धीमा कर निकट ले जाता और पलक झपकते ही चेन लूट पावर बाइक से भाग निकलता। पूछताछ में उसने बताया कि वह पांच साल से चेन लूट रहा है। पूनमचंद ने अब तक जोधपुर में छह, बालोतरा में चार, पीपाड़ व सुमेरपुर में दो-दो व नागौर के कुचामन में एक चेन लूटना स्वीकार किया है।

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